फाईलेरिया/हाथी पांव – Filariasis/Elephantiasis

फाईलेरिया/हाथी पांव – Filariasis/Elephantiasis

फाईलेरिया/हाथी पांव – Filariasis/Elephantiasis/Filaria   फाईलेरिया बीमारी उचरेरिया बेनक्रफ्टी (Wuchereria bancrofti) नामक जीवाणु परजीवी द्वारा फैलता है , इसके लार्वा  मादा क्युलेक्स मच्छरों के काटने से एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पहुचता है,|इस बीमारी में रोगी के पैर हाथी के पैरों के जैसा हो जाता है , इसे फील पाँव या हाथी पांव या elephantiasis भी कहा जाता है […]

हर्निया Hernia

हर्निया Hernia

Hernia Types, Causes, Symptoms and Treatment in hindi हर्निया मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता है इन्गुइनल (Inguinal) हर्निया अम्बिलाईकल हर्निया ( Umbilical Hernia   इन्गुइनल हर्निया (Inguinal hernia) – जंघा -सन्धि या गिलटी की तरह का हर्निया | इसमें आंत पेट से निकलकर अंडकोष में आ जाती है और वह निकली हुई आंत अगर उसी वक्त पेट के अन्दर […]

एक्जिमा Eczema

एक्जिमा Eczema

एक्जिमा (Eczema) खुजली, जलन, दर्द के साथ त्वचा पर छोटे छोटे दानें  निकलते हैं जिसे एक्जिमा कहते हैं | जितने तरह के त्वचा रोग होते हैं, उसमे एक्जिमा एक मुख्य रोग है और यह बहुत अधिक होने वाला त्वचा रोगों में से है | यह बीमारी शरीर के किसी भी स्थान में हो सकती है जैसे सिर, कान, हाथ, पैर […]

दमा Asthma

दमा Asthma

Asthma Treatments (दमा का ईलाज ) गले की सांस की नली को ‘ट्रैकिया’ (Trachea) कहते हैं । यह दो नलियों । में बंट जाती है जिन्हें ‘ब्रोंकाई (Bronchi) कहते हैं। इन दोनों में से एक नली दायें और दूसरी बायें फेफड़े में चली जाती है। जब इन दोनों नलियों (Bronchi) में तथा फेफड़े में ‘शलेष्मा’ (Mucous) जमा हो जाता है, […]

खाज खुजली Itching

खाज खुजली Itching

यह एक जल्दी फैलने वाला चर्म रोग है , हाथ-पैर की उँगलियों , कलाइयों के पीछे और बगल में फुन्सियां निकलती है और धीरे धीरे सारे शरीर में फ़ैल जाती है , बिना फुन्सी या बिना दानो के भी जबर्दस्त खुजली मचती है और लाल चकत्ते के रूप में दिखाई देती है । खुजली का एक कृमि है जिसका नाम […]

गठिया ,वात, जोड़ो का दर्द Gout

गठिया ,वात, जोड़ो का दर्द Gout

Gout, Rheumatism, Arthritis-गठिया, वात, जोड़ों का दर्द  गठिये के आक्रमण का मुख्य कारण शरीर के जोड़ों में युरिक ऐसिड (Uric acid) का जमा हो जाना है। रोगी के मूत्र की परीक्षा (urine  test) करा लेनी चाहिये । अगर मूत्र में यूरिक ऐसिड की अधिकता पायी जाय, तो उसकी तरफ़ विशेष ध्यान देकर चिकित्सा करनी चाहिये । प्रायः रोग का आक्रमण पैर […]

लू Sun stroke

लू Sun stroke

लू लगने के लक्षण और बचने के उपाय . Sun stroke / heat stroke prevention   शरीर में पानी की कमी लू लगने की सबसे बड़ी वजह है। लू में आम का पन्ना पीना होता है बेहद फायदेमंद। कच्ची प्याज भी लू से बचाने में होती है मददगार। बेल या नींबू का शर्बत पीने से होता है लूं में फायदा। […]

अंडकोष में पानी hydrocele

अंडकोष में पानी hydrocele

Hydrocele–अंडकोष में जल-संचय कोष-वद्धि)- अण्डकोषका अंगरेजी नाम टेस्टिकल ( testicle ) है, यह केवल दो ग्लैण्ड है । वीर्य अर्थात् शुक्र उत्पन्न करना ही इसकी मुख्य क्रिया है । लिंग की जड़ से युक्त एक चमड़े  की थैली ( इसका अङ्गरेजी नाम स्क्रोटम है ) के अन्दर ये दोनों ग्लैण्ड रहते हैं, किन्तु उस थैलीके अन्दर का एक पर्दा इसे […]

Blood Pressure ब्लड-प्रेशर

Blood Pressure ब्लड-प्रेशर

ब्लड–प्रेशर क्या है ? (What is blood pressure) हृदय रक्त को धमनियों (Arteries) में फेंकता है, और वे आगे उसे ‘केशिकाओं (Capillaries) में फेंकती हैं। हृदय को इस प्रकार रक्त को धमनियों और केशिकाओं में फेंकना स्वस्थ-व्यक्ति में 1 मिनट में 72 बार होता है। हृदय द्वारा रक्त के शरीर में इस धकेलने को ‘नाड़ी का चलना  (Beating of artery) […]

Otorrhoea कान का बहना

Otorrhoea कान का बहना

Otorrhoea कान का बहना , कान से पीप, मवाद आने का होम्योपैथीक इलाज सामान्यतः कान से मवाद आने को मरीज गंभीरता से नहीं लेता, इसे अत्यंत गंभीरता से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श एवं चिकित्सा अवश्य लेना चाहिए अन्यथा यह कभी-कभी गंभीर व्याधियों जैसे मेनिनजाइटिस एवं मस्तिष्क के एक विशेष प्रकार के कैंसर को उत्पन्न कर सकता है। कान में […]

श्वेत प्रदर Leukorrhea (Whites)

श्वेत प्रदर Leukorrhea (Whites)

Leukorrhea ल्यूकोरिया (श्वेत प्रदर) अस्वस्थ स्त्री की योनी (Vagina) से एक प्रकार का स्राव निकलता है जिसे प्रदर कहा जाता है | प्रायःयह श्वेत होता है इसलिए इसे श्वेत प्रदर भी कहा जाता है , लेकिन यह पीला,नीला ,खून के रंग का , कभी कभी दूध के जैसा , मांस के धोबन के जैसा या काला भी हो सकता है […]

दाँत दर्द Toothache

दाँत दर्द Toothache

दाँत दर्द  दाँत दर्द से काफी कष्ट होता है और कभी कभी बहुत अधिक तकलीफ देता है |   कारण मौसम बदलना  सर्दी लगना  गर्म पेय के बाद तुरत ठंडा पेय या ठंडा पानी पीना  दांतों में गंदगी होना दांतों में सड़न होना , कीड़े लगना  चोट  वातदर्द     ईलाज पहले कारण का पता करके उसको दूर करने का दवा […]

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