नक्स वोमिका Nux vomica

नक्स वोमिका Nux vomica

नक्स वोमिका Nux vomica कुचले के विष को नक्स वोमिका कहा जाता है नक्स वोमिका का रोगी शीत प्रधान होता है। हर वक्त जाड़ा महसूस करता है। तुरत में ही सर्दी से पीड़ित हो जाते हैं और खुली हवा से बचते हैं। मानसिक काम के बोझ से दबा हुआ रहता है और बिलकुल आराम का जिंदगी व्यतीत करता है। लम्बे […]

आँख आना (Conjunctivitis)

आँख आना (Conjunctivitis)

Conjunctivitis treatment in hindi Conjunctivitis in hindi आँख बहुत ही कोमल और जटिल अंग है, यह एक कैमरे की तरह होता है जो की हर बाहरी चीज का फोटो बनाकर दिमाग तक भेजता है हमलोग जो बाहर से देखते हैं वास्तव में आंख उस आकार का नहीं है, वह एक गोल पत्थर की तरह गोल है। अंडे की खोल की […]

डबल दृष्टि, टेढ़ी दृष्टि

डबल दृष्टि, टेढ़ी दृष्टि

अर्ध दृष्टि (Hemiopia) यह प्रायः ऑप्टिक – नर्व के दोष के कारण होता है, इसके अलावा यह बीमारी शरीर के बहुत कमजोर हो जाने के कारण तथा मस्तिष्क में ट्यूमर या कोई अन्य रोग हो जाने के कारण भी हो सकता है। डबल दृष्टि (Deplobia) आँख के अंदर स्थित स्नायुमंडल ( nervous system ) का रोग होने पर और कोई […]

दिनौंधी Day blindness

दिनौंधी Day blindness

दिनौंधी (Hemeralopia or Day Blindness) इसमें रोगी को दिन के समय दिखाई नहीं देता यहाँ तक की तेज रोशनी में भी दिखाई नही देता। लगातार अधिक रोशनी और तेज रोशनी के कारण यह रोग होता है, यह बीमारी बहुत कम लोगों को होता है। यह बीमारी होने पर आँखों पर हमेशा काला चश्मा या हरा चश्मा लगा कर रखना चाहिए […]

रतौंधी ( Nyctalopia  or Night blindness)

रतौंधी ( Nyctalopia or Night blindness)

रतौंधी ( Nyctalopia  or Night blindness) लक्षण  (Night blindness symptoms in hindi ) इस बीमारी में रोगी को दिन के समय जब अधिक रौशनी होती है तो अच्छी तरह देख सकता है लेकिन शाम होने के बाद नहीं देख पाता है। रात के समय बिलकुल दिखाई न देना। कम प्रकाश में ठीक से दिखाई नहीं देना रात में गाड़ी चलाने […]

पेट में पानी- जलोदर Ascites

पेट में पानी- जलोदर Ascites

पेट में पानी- जलोदर Ascites – कारण, लक्षण और ईलाज Ascites ka ilaaj पेट में पानी इकट्ठा होने को जलोदर, जलोदरी, उदरी तथा अंग्रेजी या Ascites या Dropsy of the abdomen कहते है। इसकी भी एक कहानी है। इस अवस्था में रोग और चिकित्सक दोनों को ही भ्रम होने की सम्भावना है। ऐसी महिलायें भी देखी गयी है जो जलोदर […]

फाईलेरिया/हाथी पांव – Filariasis/Elephantiasis

फाईलेरिया/हाथी पांव – Filariasis/Elephantiasis

फाईलेरिया/हाथी पांव  Filariasis/Elephantiasis/Filaria फाईलेरिया बीमारी उचरेरिया बेनक्रफ्टी (Wuchereria bancrofti) नामक जीवाणु परजीवी द्वारा फैलता है, इसके लार्वा  मादा क्युलेक्स मच्छरों के काटने से एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पहुचता है, इस बीमारी में रोगी के पैर हाथी के पैरों के जैसा हो जाता है, इसे फील पाँव या हाथी पांव या elephantiasis भी कहा जाता है। दुसरे गंभीर बिमारियों […]

हर्निया Hernia

हर्निया Hernia

Hernia Types, Causes, Symptoms and Treatment in hindi हर्निया मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता है इन्गुइनल (Inguinal) हर्निया अम्बिलाईकल हर्निया ( Umbilical Hernia   इन्गुइनल हर्निया (Inguinal hernia) – जंघा -सन्धि या गिलटी की तरह का हर्निया। इसमें आंत पेट से निकलकर अंडकोष में आ जाती है और वह निकली हुई आंत अगर उसी वक्त पेट के अन्दर नही […]

एक्जिमा Eczema

एक्जिमा Eczema

homeopathic medicine for eczema  एक्जिमा (Eczema) खुजली, जलन, दर्द के साथ त्वचा पर छोटे छोटे दानें निकलते हैं जिसे एक्जिमा कहते हैं। जितने तरह के त्वचा रोग होते हैं, उसमे एक्जिमा एक मुख्य रोग है और यह बहुत अधिक होने वाला त्वचा रोगों में से है। यह बीमारी शरीर के किसी भी स्थान में हो सकती है जैसे सिर, कान, […]

दमा Asthma

दमा Asthma

Asthma Treatment (दमा का ईलाज) गले की सांस की नली को ‘ट्रैकिया’ (Trachea) कहते हैं। यह दो नलियों। में बंट जाती है जिन्हें ‘ब्रोंकाई (Bronchi) कहते हैं। इन दोनों में से एक नली दायें और दूसरी बायें फेफड़े में चली जाती है। जब इन दोनों नलियों (Bronchi) में तथा फेफड़े में ‘शलेष्मा’ (Mucous) जमा हो जाता है, निकाले नहीं निकलता […]

खाज खुजली Itching

खाज खुजली Itching

Khujli medicine homeopathy medicine for itching skin यह एक जल्दी फैलने वाला चर्म रोग है, हाथ-पैर की उँगलियों, कलाइयों के पीछे और बगल में फुन्सियां निकलती है और धीरे धीरे सारे शरीर में फ़ैल जाती है, बिना फुन्सी या बिना दानो के भी जबर्दस्त खुजली मचती है और लाल चकत्ते के रूप में दिखाई देती है। खुजली का एक कृमि […]

गठिया ,वात, जोड़ो का दर्द Gout

गठिया ,वात, जोड़ो का दर्द Gout

Gout, Rheumatism, Arthritis-गठिया, वात, जोड़ों का दर्द  गठिये के आक्रमण का मुख्य कारण शरीर के जोड़ों में युरिक ऐसिड (Uric acid) का जमा हो जाना है। रोगी के मूत्र की परीक्षा (urine  test) करा लेनी चाहिये । अगर मूत्र में यूरिक ऐसिड की अधिकता पायी जाय, तो उसकी तरफ़ विशेष ध्यान देकर चिकित्सा करनी चाहिये । प्रायः रोग का आक्रमण पैर […]